अहाना ने अपने फोन को शॉल के भीतर कसकर पकड़ लिया, आने वाले उस तूफान का सामना करने के लिए खुद को तैयार करते हुए।
छत की सीमेंटेड मुंडेर पर सुबह की ओस जमी हुई थी। अहाना ने अपनी हथेलियाँ उस ठंडी सतह पर टिका दीं। ठंडी हवा उसके चेहरे को सहला रही थी, लेकिन उसके भीतर का बवंडर शांत नहीं हो रहा था। इंस्टाग्राम पर कल रात हुई उस सीक्रेट चैट का एक-एक शब्द उसके दिमाग में हथौड़े की तरह बज रहा था। 'विवान जी आज वापस आ जाएँगे...' यह सोच ही उसके पूरे बदन में एक सिहरन पैदा करने के लिए काफी थी।







Write a comment ...