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भाग 9: मोच और मखमली अहसास

लॉन की उस ठंडी, मूसलाधार बारिश और विवान के सुलगते स्पर्श से बचकर अहाना जब अपने कमरे के भीतर भागी, तो उसके कदम पूरी तरह लड़खड़ा रहे थे। उसने तुरंत पीछे मुड़कर दरवाजे को अंदर से लॉक कर दिया। उसका पूरा बदन पानी से तरबतर था। वह हाँफ रही थी, और उसकी छाती इतनी तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रही थी कि गीला गुलाबी सूती टॉप उसके स्तनों की गोलाई से सटकर उनके उभार को पूरी तरह साफ़ दिखा रहा था।

"उफ्फ... यह मैंने क्या कर दिया? मैं नीचे क्यों गई थी?" उसने दोनों हाथों से अपना चेहरा ढक लिया।

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