विवान के सीढ़ियों पर चढ़ते ही लिविंग रूम का सन्नाटा जैसे अहाना के कानों में सीटी बजाने लगा। उसके नंगे पैर जो अभी कुछ पल पहले विवान की गर्म और सख्त पिंडली से जकड़े हुए थे, अब ठंडे फर्श पर थरथरा रहे थे। उसकी सांसें इतनी बेकाबू थीं कि उसका पूरा स्लीवलेस गुलाबी टॉप उसकी छाती के उभार के साथ तेजी से ऊपर-नीचे हो रहा था। बगल में सोई तन्वी ने करवट ली, जिससे अहाना का दिल एक सेकंड के लिए बिल्कुल थम गया।
"उूंह... भाई... लैप... लैपटॉप..." तन्वी ने नींद में कुछ बुदबुदाया, लेकिन वह पूरी तरह गहरी नींद के आगोश में थी।







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