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Kitchen Romance

प्रीति ने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद तो कर लिया था, लेकिन उसके भीतर की बेताबी और दहशत की कुंडी अभी भी पूरी तरह खुली हुई थी। उसने झटके से अपने बिस्तर की तरफ़ छलांग लगाई और रजाई को सिर तक ओढ़ लिया। उसका पूरा शरीर किसी ठंडे बुखार की तरह कांप रहा था, लेकिन उसके गालों और गर्दन पर आरव के शर्टलेस बदन की तपिश अभी भी दहकते कोयले की तरह महसूस हो रही थी।

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