प्रीति ने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद तो कर लिया था, लेकिन उसके भीतर की बेताबी और दहशत की कुंडी अभी भी पूरी तरह खुली हुई थी। उसने झटके से अपने बिस्तर की तरफ़ छलांग लगाई और रजाई को सिर तक ओढ़ लिया। उसका पूरा शरीर किसी ठंडे बुखार की तरह कांप रहा था, लेकिन उसके गालों और गर्दन पर आरव के शर्टलेस बदन की तपिश अभी भी दहकते कोयले की तरह महसूस हो रही थी।
My hot Professor
Story of full passion and love Warning ⚠️ Dark ! 18+ ! Abusive language!







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