15

महंगा आईफोन

अथर्व की चमचमाती हुई काली सेडान कार जैसे ही अंधेरे को चीरती हुई गली के मोड़ पर गायब हुई, काव्या ने अपने कांपते हाथों को सीने से सटा लिया। रात की सर्द हवा उसके चेहरे को छूकर गुजर रही थी, लेकिन उसके अंदर एक खौफनाक ज्वालामुखी सुलग रहा था।

"काव्या! अरे ओ काव्या, बाहर ठंड में क्यों खड़ी है? चल अंदर आ, दामाद जी तो चले गए," सावित्री जी ने आंगन का मुख्य लकड़ी का दरवाजा थोड़ा और खोलते हुए कहा। उनके चेहरे पर खुशी और संतोष की चमक साफ दिख रही थी।

Write a comment ...

Write a comment ...